8th Pay Commission: कर्मचारियों को होगा फायदा 8वें वेतन आयोग को लेकर आई बड़ी अपडेट जल्दी करें चेक
8th Pay Commission: हाल ही में 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशन भोगियों की महंगाई राहत (डीआर) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई। 16 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस बढ़ोतरी को मंजूरी दी,जो कि 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी होगी। इस अपडेट के बाद …

8th Pay Commission: हाल ही में 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशन भोगियों की महंगाई राहत (डीआर) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई। 16 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस बढ़ोतरी को मंजूरी दी,जो कि 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी होगी। इस अपडेट के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का DA, बेसिक सैलरी का 53 प्रतिशत हो जाएगा।
केंद्र सरकार के फैसले के बाद राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए डीए और डीआर में वृद्धि के ऐलान कर रही हैं। अब केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशन भोगी 8वें वेतन आयोग की खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। परंपरागत रूप से, हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग लाया जाता है।
देश में 7वां वेतन आयोग लागू हुए 10 साल हो चुके हैं। भारत सरकार ने 28 फरवरी, 2014 को 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) का गठन किया था। उम्मीद की जा रही है कि 8 वें वेतन आयोग को लेकर जल्द ही फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, अभी तक इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
हो सकता है कि 8वें वेतन आयोग की घोषणा अगले साल फरवरी में केंद्रीय बजट 2025 पेश किए जाने के दौरान की जाए। नया वेतन आयोग आने के बाद सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन में और वृद्धि हो सकती है। बता दें कि सैलरी में वृद्धि महंगाई और अन्य आर्थिक कारकों को ध्यान में रखकर तय की जाती है।
ऐसी अटकलें हैं कि सरकार 3.68 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में संशोधन कर सकती है। हालांकि, 7वें वेतन आयोग के दौरान भी यही मांग की गई थी, लेकिन आखिरकार फिटमेंट फैक्टर को 2.57 पर सेट किया गया।
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के लिए पे मैट्रिक्स 1.92 के फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल करके तैयार किया जा सकता है।ऐसे में अगर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाती हैं।
तो केंद्र सरकार के कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 34,560 रुपये हो सकती है, यानि कि लगभग 92 प्रतिशत की वृद्धि। पेंशनर्स के लिए मिनिमम पेंशन बढ़कर 17,280 रुपये हो सकती है।