Rewa news:रीवा रील वायरल में एक्शन; पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया रील्स पर सख्ती: रीवा डीआईजी ने जारी किए कड़े निर्देश
Rewa news: रीवा जिले के सगरा में हाल ही में थाना सगरा प्रभारी अंकिता मिश्रा का थाने परिसर के भीतर एक फिल्मी गाने पर रील्स बनाना और उसका सोशल मीडिया पर वायरल होना, पुलिस विभाग के लिए एक गंभीर मुद्दा बन गया है। इस घटना को संज्ञान में लेते हुए, रीवा जोन के पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) ने तत्काल और कड़ा एक्शन लिया है।
उन्होंने पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त लिखित निर्देश जारी किए हैं, जिसमें उन्हें वर्दी या सिविल ड्रेस में सोशल मीडिया रील्स बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
डीआईजी ने जारी किया आदेश: अब कोई रील नहीं!
वायरल रील्स की घटना के बाद, पुलिस उप महानिरीक्षक ने एक आंतरिक आदेश जारी किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की गरिमा और जनमानस में उसकी छवि को अक्षुण्ण रखना है। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि:
वर्दी में रील्स बनाना प्रतिबंधित: पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान या वर्दी में किसी भी प्रकार की मनोरंजक सोशल मीडिया रील्स नहीं बना सकते हैं। यह पुलिस बल की गंभीरता और पेशेवर छवि के खिलाफ है।
थाने परिसर में रील्स पर रोक: थाने, कार्यालय परिसर या किसी भी आधिकारिक स्थान पर व्यक्तिगत मनोरंजन के लिए रील्स बनाना पूरी तरह से वर्जित है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी: यदि कोई पुलिस अधिकारी या कर्मचारी इन निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें विभागीय जांच से लेकर सेवा नियमों के तहत दंड भी शामिल हो सकते हैं।
जनता के बीच छवि पर असर: आदेश में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि ऐसे कृत्यों से न केवल पुलिस की व्यक्तिगत छवि धूमिल होती है, बल्कि पूरे विभाग की प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और जनता का विश्वास कम होता है।

अंकित मिश्रा घटना पर त्वरित संज्ञान
सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा का रील्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस मामले को ‘हरित प्रवाह’ सहित विभिन्न माध्यमों से उजागर किया गया, जिसके बाद रीवा जोन के पुलिस उप महानिरीक्षक ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए, न केवल उक्त घटना पर अपनी असहमति व्यक्त की, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए।
पुलिस की गरिमा सर्वोपरि:
इस आदेश से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस विभाग अपनी पेशेवर छवि और गरिमा को लेकर बेहद गंभीर है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रचलन के साथ, पुलिसकर्मियों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने आचरण को लेकर अधिक सतर्क रहें और ऐसे किसी भी कार्य से बचें, जिससे पुलिस बल की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचे। डीआईजी द्वारा जारी यह आदेश पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों और सीमाओं के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब देखना यह है कि यह आदेश कितना प्रभावी होता है और पुलिसकर्मी इसका कितनी कड़ाई से पालन करते हैं।
