/** * Hook: colormag_before. */ do_action( 'colormag_before' ); ?>
नेशनल

​Mp news: देशव्यापी बैंक हड़ताल: 5-डे बैंकिंग और लंबित मांगों को लेकर सड़क पर उतरे बैंकर्स सौपा पत्र

Share With Others

Mp news: रीवा, मध्य प्रदेश: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आज देशभर में बैंक कर्मचारियों ने आज 27 जनवरी को सुबह से एक दिवसीय हड़ताल की। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य बैंकों में ‘5-डे वर्किंग कल्चर’ (सप्ताह में पांच दिन काम) को लागू करना और पिछले कई वर्षों से लंबित अन्य मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।

​यूनियन बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के मध्य प्रदेश अध्यक्ष, ऋषभ श्रीवास्तव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 5-डे बैंकिंग की मांग नई नहीं है। उन्होंने कहा कि ​पुराना समझौता मार्च 2023 में 12वें वेतन समझौते के दौरान UFBU और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच इस पर सहमति बन गई थी और समझौते पर हस्ताक्षर भी हो चुके थे।

 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

​सरकार की देरी हस्ताक्षर होने के लगभग दो साल बाद भी सरकार ने इसके लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है।

​अन्य क्षेत्रों में लागू: आरबीआई, सेबी, एलआईसी और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों में पहले से ही 5-डे वर्किंग लागू है, लेकिन पब्लिक सेक्टर बैंकों को इससे वंचित रखा गया है।


​बैंकर्स का कहना है कि वे वेतन वृद्धि की नहीं, बल्कि अपने ‘संवैधानिक और मौलिक अधिकारों’ की मांग कर रहे हैं। ऋषभ श्रीवास्तव ने इसे सरकार का “नकारात्मक और तानाशाही रवैया” करार दिया। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों को लगातार आश्वासनों के नाम पर ठगा जा रहा है।
​”जब हम बैंक में एफडी करवाते हैं और मैच्योरिटी पर बैंक कहे कि ऐसा कोई समझौता हुआ ही नहीं, तो ग्राहक को कैसा लगेगा? ठीक वैसा ही हम महसूस कर रहे हैं। समझौते पर साइन होने के बाद भी उसे लागू न करना हमारे अधिकारों का हनन है।”

अंत में ऋषव श्रीवास्तव ने  ​ग्राहकों को हुई असुविधा पर खेद
​हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने पर यूनियन ने ग्राहकों से माफी मांगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हड़ताल करना उनका शौक नहीं बल्कि मजबूरी है।

​फिलहाल यह हड़ताल केवल एक दिन की है, लेकिन यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों को अनसुना करती रही, तो आने वाले समय में इसे तीन-दिवसीय, सात-दिवसीय या अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *