क्राइम

Rewa news: रीवा में आईजी, एसपी का बड़ा एक्शन टीआई समेत 3 पुलिस कर्मी सस्पेंड NDPS के मामले में चल रही थी डील – सूत्र

Share With Others

Rewa news: रीवा-सतना NDPS कांड: खाकी पर दाग! IG की सख्ती के बाद SP का बड़ा चाबुक, थाना प्रभारी समेत तीन सस्पेंड विंध्य क्षेत्र में नशे के सौदागरों के साथ ‘दोस्ती’ निभाना तीन पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया है।

रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत के कड़े तेवरों के बाद, रीवा एसपी शैलेन्द्र सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेमरिया थाना प्रभारी विकास कपिश, रामयश रावत और सुजीत शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई ने महकमे में उन लोगों की नींद उड़ा दी है जो वर्दी की आड़ में ‘सेटिंग’ का खेल खेल रहे थे।

सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला सतना जिले के कोटर थाना क्षेत्र से पकड़े गए NDPS एक्ट के दो आरोपियों से शुरू हुआ। आरोप है कि पुलिस टीम इन आरोपियों को पकड़कर सेमरिया थाना तो लाई, लेकिन वहां कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें करीब 6 घंटे तक ‘खातिरदारी’ के साथ बैठाकर रखा गया। हैरानी की बात यह है कि बिना किसी ठोस कानूनी प्रक्रिया के, संदिग्ध परिस्थितियों में आरोपियों को छोड़ दिया गया।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

‘रिमोट कंट्रोल’ से चल रहा था खेल

जांच में जो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, उनके मुताबिक
मौखिक आदेश: थाना प्रभारी विकास कपिश उस वक्त रीवा में थे, लेकिन फोन के जरिए वह लगातार थाने के स्टाफ को निर्देश दे रहे थे।
निजी सेटिंग के संकेत: जांच टीम को निजी स्तर पर हुई बातचीत और कथित ‘लेन-देन’ के पुख्ता संकेत मिले हैं।
नियमों की धज्जियां: NDPS जैसे गंभीर मामले में जब्ती और गिरफ्तारी की प्रक्रिया का पालन करने के बजाय, आरोपियों को ‘सुरक्षित रास्ता’ देना पुलिस की मंशा पर सवाल उठाता है।

IG गौरव राजपूत का अल्टीमेटम: “मिलीभगत बर्दाश्त नहीं”
मामला जैसे ही रीवा आईजी गौरव राजपूत के संज्ञान में आया, उन्होंने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की। आईजी ने स्पष्ट कर दिया है कि नशे के खिलाफ अभियान में लापरवाही या अपराधियों से सांठगांठ करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
NDPS जैसे गंभीर मामलों में कोताही वर्दी की गरिमा के खिलाफ है। जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही और मिलीभगत पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।

अभी और गिरेंगी गाज

एसपी शैलेन्द्र सिंह द्वारा किए गए इस निलंबन के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है; कॉल डिटेल्स और अन्य सबूतों के आधार पर कुछ और बड़े चेहरों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
यह कार्रवाई उन पुलिसकर्मियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो कानून की रक्षा करने के बजाय अपराधियों के रक्षक बन रहे हैं। रीवा पुलिस की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने अपराधियों और उनके मददगारों के बीच हड़कंप मचा दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *