चंद्र ग्रहण 2025: दुनिया की 85% आबादी देख पाएगी चंद्र ग्रहण, जानें भारत में सूतक काल
चंद्र ग्रहण 2025: वर्ष 2025 का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को लगने जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार, यह दृश्य 7 सितंबर को रात 11:00 बजे से 12:22 बजे के बीच दिखाई देगा।
चंद्र ग्रहण 2025: वर्ष का दूसरा और आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर, 2025 की रात को लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जो कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में लगने जा रहा है। चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को रात 09:58 बजे शुरू होगा। चूँकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले से प्रभावी हो जाता है। सूतक काल शुरू होते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और देवी-देवताओं की मूर्तियों की पूजा या स्पर्श वर्जित होता है। इस चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल दिखाई देगा, जिसे वैज्ञानिकों की भाषा में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। यह चंद्र ग्रहण कई अन्य मायनों में भी खास होने वाला है।
चंद्र ग्रहण का समय और अवधि
चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को रात 9:58 बजे लगेगा और सुबह 01:26 बजे समाप्त होगा। लेकिन भारत में इसे देखने का सबसे अच्छा समय रात 11 बजे से 12:22 बजे के बीच होगा। कुल मिलाकर यह ग्रहण लगभग 3 घंटे 29 मिनट तक रहेगा, जिसमें पूर्ण चंद्र ग्रहण की अवधि 1 घंटा 22 मिनट होगी।
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ब्लड मून क्या है?
खगोलविदों के अनुसार, इस चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल दिखाई देगा। इसे ब्लड मून कहते हैं। जब सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से होकर चंद्रमा तक पहुँचती हैं, तो नीला प्रकाश बिखर जाता है और लाल प्रकाश अधिक मात्रा में पहुँचता है। यही कारण है कि पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल दिखाई देता है।
चंद्रग्रहण के दौरान क्या करें?
हिंदू धर्म में चंद्रग्रहण को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि इस दौरान लोग मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करते हैं। ग्रहण के दौरान किया गया जप-तप सैकड़ों गुना अधिक फलदायी माना जाता है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करने और घर में शुद्धि के लिए गंगाजल छिड़कने की परंपरा है। चंद्रग्रहण समाप्ति के बाद अपनी क्षमतानुसार दान करना चाहिए।
