Indian railway: विंध्य को रेलवे की बड़ी सौगात: 4 साल बाद ‘रेगुलर’ हुई रीवा-मुंबई ट्रेन; अब नहीं होगी लेट-लतीफी
Indian railway: रीवा और विंध्य क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए साल 2026 की सबसे बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पिछले 4 वर्षों से ‘स्पेशल’ के टैग के साथ चल रही रीवा-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) सुपरफास्ट ट्रेन को रेलवे बोर्ड ने नियमित (Regularize) कर दिया है। इस फैसले के बाद अब यह ट्रेन भारतीय रेलवे के स्थाई टाइम-टेबल का हिस्सा बन गई है, जिससे यात्रियों को न केवल बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि ट्रेन के परिचालन में भी सुधार होगा।
28 अप्रैल 2022 को हुई थी शुरुआत, 20 बार मिला विस्तार
विंध्य को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ने वाली इस ट्रेन की शुरुआत 28 अप्रैल 2022 को हुई थी। शुरुआती दौर में इसे केवल ट्रायल और सीमित फेरों के लिए चलाया गया था। यात्रियों की भारी भीड़ और लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने पिछले 4 सालों में इसे करीब 20 बार एक्सटेंशन (विस्तार) दिया। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और जनता के लंबे संघर्ष के बाद अब इसे स्थाई नंबर के साथ नियमित चलाने की हरी झंडी मिल गई है।
स्पेशल टैग हटने से क्या होगा फायदा
अब तक यह ट्रेन ‘स्पेशल’ श्रेणी में थी, जिसके कारण इसे ट्रैक पर प्राथमिकता नहीं मिलती थी। अक्सर मेल-एक्सप्रेस और राजधानी जैसी ट्रेनों को रास्ता देने के लिए इसे किसी भी छोटे स्टेशन पर घंटों खड़ा कर दिया जाता था।
समय की पाबंदी: नियमित होने के बाद अब इसे अपनी तय समय-सारिणी के अनुसार चलाया जाएगा।
किराये में राहत: आमतौर पर स्पेशल ट्रेनों का किराया सामान्य से कुछ अधिक होता है, नियमित होने पर यात्रियों को सामान्य सुपरफास्ट दर पर टिकट उपलब्ध हो सकेगी।
तकनीकी सुधार: ट्रेन को अब नया स्थाई नंबर मिलेगा और परिचालन की प्राथमिकता भी बढ़ेगी।
रीवा-मुंबई रूट का पूरा शेडयूल (वर्तमान)
यह ट्रेन रीवा से हर गुरुवार को दोपहर 15:50 बजे रवाना होती है और अगले दिन दोपहर 12:20 बजे मुंबई पहुँचती है। वहीं वापसी में मुंबई से शुक्रवार दोपहर 13:30 बजे चलकर शनिवार सुबह 09:45 बजे रीवा आती है।
प्रमुख स्टेशन और ठहराव:
रीवा से रवानगी के बाद यह सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, गाडरवारा, पिपरिया, इटारसी, हरदा, खंडवा, भुसावल, जलगांव, मनमाड, नासिक, इगतपुरी, कल्याण और दादर स्टेशनों पर रुकती है।
24 कोच वाला विशाल रैक: हर वर्ग को सुविधा
इस ट्रेन में कुल 24 कोच लगाए गए हैं, जो इसे विंध्य की सबसे लंबी ट्रेनों में से एक बनाते हैं:
स्लीपर कोच: 12 डब्बे
थर्ड एसी: 4 डब्बे
सेकंड व फर्स्ट एसी: 1-1 डब्बा
जनरल कोच: 4 डब्बे
ब्रेक एसएलआर: 2 कोच
व्यापार और इलाज के लिए संजीवनी
रीवा से मुंबई की सीधी ट्रेन नियमित होने का सबसे बड़ा लाभ उन मरीजों को मिलेगा जो इलाज के लिए टाटा मेमोरियल जैसे बड़े अस्पतालों में जाते हैं। साथ ही, मुंबई से व्यापार करने वाले स्थानीय व्यापारियों के लिए अब सफर अधिक भरोसेमंद और समयबद्ध हो जाएगा।
