Rewa news: रीवा में खाकी बनी डकैत रीवा पुलिस की शर्मनाक ‘रेट लिस्ट’: बेगुनाही की कीमत 20 हजार

20260315 144233
Share With Others

Rewa news: समान थाने के ‘खाकी’ पर वसूली का दाग; लूट के आरोपी को बचाने के बजाय दुकानदार को बनाया ‘शिकार’
रीवा। क्या रीवा पुलिस का ‘चूल्हा’ अब बिना रिश्वत के नहीं जलता क्या न्याय के मंदिर कहे जाने वाले थानों की स्थिति भिखारियों से भी बदतर हो चुकी है यह कड़वे सवाल आज इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि समान थाना क्षेत्र से पुलिसिया उगाही का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने खाकी को शर्मसार कर दिया है।

मामला रतहरा निवासी विकास कुमार वर्मा का है, जो ‘विकास ऑनलाइन’ के माध्यम से अपना जीवन-यापन करते हैं। पीड़ित के मुताबिक, बीती 2 मार्च को राज ठाकुर नामक युवक उनकी दुकान पर आया और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए 14,000 मंगवाकर नकद ले गया। दुकानदार के लिए यह एक सामान्य बिजनेस ट्रांजैक्शन था, लेकिन पुलिस ने इसे ‘वसूली’ का जरिया बना लिया।

See also  Up news: दबंग स्टूडियो संचालक के हनक के सामने बेबस हुई गोपीगंज थाने कि पुलिस ,पत्रकार के साथ मारपीट कर मोबाईल छीनने वाले के ऊपर 48 घंटे बीत जाने के बाद भी दर्ज नहीं हुआ मुकदमा

पीड़ित का आरोप है कि समान थाने के पुलिस कर्मी रवि शंकर द्विवेदी ने उन्हें थाने बुलाकर धमकाया कि उनके खाते में आया पैसा लूट का है। इसके बाद शुरू हुआ ‘खाकी का असली खेल’।
केस डायरी और FIR से नाम हटाने के बदले ₹20,000 की मांग  पैसे न देने पर लूट के मामले में सह-आरोपी बनाने का डर।
समान पुलिस के इस कारनामे से पीड़ित का परिवार अब पुलिसिया खौफ के साये में जीने को मजबूर है।
हैरानी की बात यह है कि पुलिस का काम असली अपराधी (राज ठाकुर) पर शिकंजा कसना था, लेकिन यहाँ  एक छोटे व्यापारी को निचोड़ने में लगाई जा रही है कानून की ताकत। क्या समान थाने में अब कानून की धाराओं से ज्यादा ‘नोटों की चमक’ मायने रखती है?

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

अगर एक आम नागरिक पुलिस के पास जाने से डरने लगे, तो समझ लीजिए कि व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। क्या रीवा के आला अधिकारी इस ‘उगाही तंत्र’ से वाकिफ हैं? क्या रविशंकर द्विवेदी जैसे पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में जाएगा?
एक छोटा व्यापारी अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए ‘रेट लिस्ट’ कहाँ से चुकाए रीवा पुलिस के उच्च अधिकारियों को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर जांच करानी चाहिए। यदि खाकी ही डकैत बन जाएगी, तो जनता किसके पास जाएगी जनता को अब ‘बयान’ नहीं, ‘एक्शन’ का इंतज़ार है।

See also  Rewa news: रीवा: प्रकाश तिवारी की मौत मामला, पुलिस ने एक्सीडेंट बताया, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

 

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *