Rewa news:माननीय कलेक्टर महोदय प्रतिभा पाल जी कोटेदार के द्वारा गरीबों को हक, घपला करने की खबर चलने के बावजूद कार्यवाही शून्य…
हरित प्रवाह न्यूज रीवा
*💥गुढ़ ब्रेकिंग💥*
*माननीय कलेक्टर महोदय प्रतिभा पाल जी कोटेदार के द्वारा गरीबों को हक, घपला करने की खबर चलने के बावजूद कार्यवाही शून्य*
*कोटेदार के द्वारा मची लूट पर क्षेत्रीय अधिकारी गुढ़ SDM अनुविभागीय अधिकारी नहीं कर पा रहे कोई कार्यवाही आखिर क्यों ?*
*प्रशासन आखिर ऐसे भ्रष्टाचारी कोटेदार जो जनता को मिलने वाले हक पर लूट और उस पर मेहरबानी क्यों ?*
*✍🏻 विकास तिवारी*
गुढ़। जैसा कि आप सभी ने देखा है कि भ्रष्टाचार की संलिप्तता और गरीबों का निवाला छीनने वाले लोगों पर कभी भी प्रशासन ने तुरंत संज्ञान नहीं लिया लेकिन अगर वही प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के किए गए कार्यों पर हस्तक्षेप और उनकी बेदखली और नजर अन्दाजी की वजह से हुई कोई घटनाक्रम पर प्रशासन सोशल मीडिया में चली खबर पर तुरंत संज्ञान ले लेता है। लेकिन बीते एक महीने से गुढ़ नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 1 से लेकर वार्ड क्रमांक 8 तक के कोटेदार छोटे उर्मिलिया जो की 01 नहीं 03 खाद्यान्न वितरण दुकान में खाद्यान्न वितरण कर रहे है। और उसमें किसानों, गरीबों और अन्य लोगों को खाद्यान्न वितरण करते हैं। और उनके घोटालेबाजी की कई खबरें सोशल मीडिया में खबर के माध्यम से चलाई भी गई। लेकिन यहां पर ऐसा लग रहा है कि जब शैय्या भए कोतवाल तो डर काहे का रहेगा। खुलेआम मची लूट के बावजूद ना माननीय कलेक्टर महोदय संज्ञान ले पा रही हैं और ना ही गुढ़ अनुविभागीय अधिकारी इस पर कोई कार्यवाही करने का मन बना रहे हैं। जबकि वीडियो और खाद्यान्न लेने वाले गरीब परिवारों से बातचीत के दौरान भी जानकारी ली गई है कि कोटेदार के द्वारा किन समस्याओं से आपको गुजरना पड़ता है। और उन्होंने अपनी समस्या बताई लेकिन उसके बावजूद उनकी दुःख और परेशानी पर किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हो रही है। और कोटेदार की लूट करने का मनोबल दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।
एक तरफ मोहन सरकार गरीब परिवारों को सभी योजना सरकार के द्वारा मुहैया कराई जा रही है। और एक तरफ ऐसे कोटेदार जो कि गरीबों के खाद्यान्न में डंक मार के बैठ गए हैं। और उन्हें गरीब किसानों के खाद्यान्न को चोरी छुपे बेचकर आज करोड़ों की संपत्ति हासिल कर लिए हैं। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी अभी भी ऐसे कोटेदारों पर ना कोई जांच और ना ही कोई कार्रवाई कर पा रहे हैं। आखिर ऐसी क्या वजह है या फिर कहे तो किसी बड़े सफेद पोश नेता की चरणों में लाखों की चपत लेकर पहुंच गए जिसकी वजह से कोटेदार की घोटालेबाजी पर प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई करने पर पीछे हट रहे हैं?
