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Mp news: मैहर और रीवा में स्मार्ट मीटर के खिलाफ बढ़ता जनाक्रोश: जनता का विरोध और पूर्व विधायक त्रिपाठी की हुंकार

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Mp news: मैहर में हज़ारों ग्रामीणों और समर्थकों ने पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी के नेतृत्व में स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। वायरल 24 न्यूज़ द्वारा कवर की गई इस घटना में, प्रदर्शनकारियों ने घंटाघर चौराहे पर सरकार और बिजली कंपनियों के खिलाफ नारेबाजी की और स्मार्ट मीटर योजना को “जनता का आर्थिक शोषण” बताया। यह गुस्सा सिर्फ़ मैहर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि रीवा ज़िले में भी स्मार्ट मीटर को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है, जहाँ ग्रामीण और शहरी दोनों ही इलाकों के उपभोक्ता बढ़ते बिजली बिलों और नई मीटरिंग प्रणाली की अस्पष्टता से परेशान हैं।

नारायण त्रिपाठी ने अपने संबोधन में साफ़ कहा कि वे देश को अडानी के हाथों में नहीं जाने देंगे और स्मार्ट मीटर के नाम पर चल रही “वसूली की साज़िश” का पुरज़ोर विरोध करेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि वे अपने घरों में ये मीटर नहीं लगने देंगे, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह आंदोलन सिर्फ़ मैहर तक सीमित नहीं रहेगा। त्रिपाठी ने जनता के बढ़ते आक्रोश को उजागर करते हुए कहा कि ग्रामीण जनता पहले से ही बढ़ती महंगाई और भारी बिजली बिलों से परेशान है। उन्होंने तर्क दिया कि स्मार्ट मीटर लगने से उन पर और अधिक आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिसका सीधा फायदा बिजली कंपनियों को होगा। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिल कई गुना बढ़ जाएँगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी। रीवा में भी उपभोक्ताओं को यही अनुभव हुआ है, जहाँ स्मार्ट मीटर लगने के बाद से कई घरों के बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे आम जनता में गहरा आक्रोश है।

पूर्व विधायक त्रिपाठी ने सरकार को सख्त चेतावनी दी कि अगर उनकी माँगें नहीं मानी गईं और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तुरंत नहीं रोकी गई, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन जल्द ही एक प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसमें मैहर और रीवा जैसे जिलों की जनता एकजुट होकर अपनी आवाज़ उठाएगी। उन्होंने सरकार से जनता की बात सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया।

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प्रदर्शन के बाद नारायण त्रिपाठी और उनके समर्थकों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और पारंपरिक मीटर प्रणाली को बहाल करने की मांग की गई है। मैहर के ग्रामीणों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल हुए। घंटाघर चौराहे पर भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसके चलते पुलिस बल भी तैनात किया गया था। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इसने स्मार्ट मीटर के खिलाफ लोगों के बढ़ते गुस्से और असंतोष को स्पष्ट रूप से दर्शाया है। यह घटना सरकार के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती है, जिसमें उसे न केवल मैहर बल्कि रीवा जैसे अन्य जिलों में भी जनता की चिंताओं को दूर करना होगा, जहां जनता बिजली के बढ़ते बोझ से परेशान है।

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